

डीडवाना-कुचामन । नटवर लाल जांगिड़
कृषि आयुक्तालय, राजस्थान, जयपुर द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–तिलहन (NMEO-OS) के अंतर्गत फसल कटाई उपरांत मूल्य श्रृंखला सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तेल निष्कर्षण एवं तिलहन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में तिलहन संग्रहण, प्रसंस्करण तथा तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाकर किसानों को बेहतर बाजार, मूल्य संवर्धन और आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने बताया कि योजना के तहत एफपीओ, सहकारी समितियां, सरकारी/निजी उद्योग, पंजीकृत स्टार्टअप, वैल्यू चेन पार्टनर (VCP) के साथ-साथ किसान व्यक्तिगत स्तर पर भी आवेदन कर सकते हैं। चयन में एफपीओ, सहकारी संस्थाओं एवं वैल्यू चेन पार्टनर को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि किसानों को मूल्य श्रृंखला से सीधा जुड़ाव मिल सके।
सहायता का प्रावधान- योजना के अंतर्गत तिलहन प्रसंस्करण/तेल निष्कर्षण इकाई (लगभग 10 टन प्रतिदिन क्षमता) की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम ₹9.90 लाख तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। 10 टन से कम क्षमता की इकाइयों के लिए प्रोराटा आधार पर सहायता देय होगी। सब्सिडी की गणना में केवल मशीनरी एवं उपकरणों की लागत को ही पात्र माना जाएगा। भूमि एवं भवन लागत इसमें शामिल नहीं होगी।
मशीनरी एवं स्थापना- योजना के अंतर्गत डीहॉलर, सीड क्लीनर, एक्सपेलर, फिल्टर आदि आवश्यक मशीनरी की खरीद व स्थापना पर सहायता दी जाएगी। मशीनरी का क्रय जीएसटी-पंजीकृत अधिकृत निर्माताओं/आपूर्तिकर्ताओं से करना अनिवार्य होगा।
चयन व भुगतान प्रक्रिया- प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तर पर पात्रता एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी तथा तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर चयन होगा। चयनित लाभार्थियों को इकाई की स्थापना एवं भौतिक सत्यापन के बाद ही सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में जारी की जाएगी लाभार्थी आवश्यकता अनुसार बैंक ऋण भी ले सकते हैं।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने बताया कि इच्छुक आवेदक 16 फरवरी तक अपना आवेदन संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), डीडवाना कार्यालय में जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क सकते है।




